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शनिवार, 17 जनवरी 2026

किसान की पीड़ा

**एक किसान अर पशुपालक
हर सरकारी काम खातर रिश्वत दे-दे कर
अपणो काम करवावै सै 😔💰
मन में बस एक आस राखै सै—
म्हारे छोरा-छोरी ने पढ़ावां 📚
अफसर बनावां 👨‍💼👩‍💼
तो म्हाने अर पूरे गाँव ने
इस रिश्वत री झंझट सूं छुटकारो मिल जावै 🙏
पण जद वही छोरा-छोरी
सरकारी नौकरी में लागै सै,
तो कई बार कुर्सी बदल जावै सै 😞
पण सोच वैसी री वैसी रह जावै 💔
म्हूं उन किसान अर पशुपालकां रा
छोरा-छोरीयाँ सूं कहना चाहूं सा 🌾
थां रा बाप-दादां
रिश्वत रो घणो दुःख देख्यो सै 😢
थां जद अफसर बनजो सा,
तो हाथ जोड़ कै अरजी सै 🙏
इस रिश्वत री प्रथा ने
जरूर बंद करजो 🚫💰
याद राखजो—
ईमानदारी रो रास्तो पकड़जो 🌱
तो थां भी आगे बढ़ोगा ✨💪
अर पूरो गाँव अर समाज भी
नयो उजालो देखसी 🌅**
@top fans #khetlawas #खेतलावास 

रविवार, 11 जनवरी 2026

सरपंच हजारामजी चौधरी

खेतलावास गांव रो गौरव – सरपंच साब हजारामजी चौधरी
म्हारा खेतलावास गांव आज बारा में
विकास रा कामां सूं ओळखाय जावै।
इ काम संभव होयो
म्हारे सरपंच साब हजारामजी चौधरी री मेहनत सूं।
पोस्ट ऑफिस खुलवायो,
सहकारी समिति गांव तक लायो,
स्कूल-हॉस्पिटल रो क्रमोन्नयन करायो,
हर घर नल सूं पानी पहुंचायो।
खेतलावास री आवाज
पंचायत सूं जिला तक पहुंचाई,
कागजां में नहीं
धरातल पर विकास दिखाई।
आज खेतलावास रो नाम
गौरव सूं लियाजावै,
कारण – सरपंच साब हजारामजी चौधरी
जे गांव नै परिवार समझी निभावै।

बुधवार, 7 जनवरी 2026

सरपंच हाजारामजी चौधरी खेतलावास

सरपंच हाजरामजी चौधरी – विकास की पहचान
खेतलावास की माटी ने जिसे जिम्मेदारी दी,
हाजरामजी चौधरी ने उसे ईमानदारी से निभाई।
कुर्सी उनके लिए अधिकार नहीं, सेवा का साधन रही,
इसी सोच ने गाँव को विकास की राह दी।
उनके कार्यकाल में गाँव में पोस्ट ऑफिस खुलवाया,
ताकि हर ग्रामीण को सुविधा का अधिकार मिल पाया।
सहकारी समिति की स्थापना करवा कर,
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता दिखाया।
आजार नाड़ी स्कूल का क्रमोन्नयन करवाया,
शिक्षा को मज़बूत कर भविष्य सँवारा।
गाँव की GSS के लिए नई लाइन बिछवाई,
ताकि बिजली की समस्या से राहत दिलाई।
हर घर नल योजना को ज़मीन पर उतारकर,
पानी जैसी बुनियादी जरूरत को सम्मान दिया।
गाँव के हॉस्पिटल का क्रमोन्नयन करवा कर,
स्वास्थ्य सेवाओं को गाँव तक मजबूत किया।
इसके अलावा भी अनेक विकास कार्य करवा कर,
उन्होंने साबित किया—काम बोलता है, प्रचार नहीं।
हाजरामजी चौधरी नाम नहीं, भरोसे की पहचान हैं,
खेतलावास को अपने सरपंच पर पूरा अभिमान है।
— जगदीश आंजणा खेतलावास

खेतलावास की शान / खेतलावास के बारे

खेतलावास – मिट्टी की खुशबू
रेत के कण-कण में इतिहास बसता है,
खेतलावास की मिट्टी में स्वाभिमान सजता है।
जहाँ सूरज भी हल की धार से उजाला सीखे,
वहीं किसान का पसीना सोना बन के दिखे।
माटी से रिश्ता, माटी सा स्वभाव,
कम बोलते हैं लोग, पर रखते हैं असरदार भाव।
छपरों में सपने, आँखों में आस,
खेतलावास जीता है मेहनत का विश्वास।
यहाँ गौ-माता की सेवा है धर्म,
यहाँ रिश्तों में नहीं कोई झूठा कर्म।
दुख में कंधा, सुख में साथ,
यही खेतलावास की असली बात।
आंधी आए या सूखा पड़ जाए,
किसान फिर भी हार न मान पाए।
हल की लकीरों में भविष्य लिखते,
अपने पसीने से इतिहास रचते।
गर्व है मुझे उस गाँव की शान पर,
जो टिका है सच्चाई और सम्मान पर।
खेतलावास—सिर्फ़ नाम नहीं पहचान है,
यह मेरी जड़, मेरा अभिमान है।
— जगदीश आंजणा खेतलावास
#KHETLAWAS #खेतलावास 

शनिवार, 6 सितंबर 2025

श्री अन्नपूर्णा माता उम्मेदाबाद गोल

श्री श्री १००८ श्री परम पूज्य मां अन्नपूर्णा जी आज से १००२ साल पहले विक्रम शवत १०७४वर्षे ११वि शताब्दी ग्राम रूचियार मे जाती चौधरी ( कलबी ) ओड़ गौत्र मे पिता श्री मोडवलजी के घर में माता अन्नपूर्णा अवतरित हुई पूर्व जन्म संस्कार वश उनके आदर्श भारतीय नारी एवं परम योगिनी के सभी गुण जन्म से ही मोजुद प्राप्त थे । और बचपन का ना अन्नु था! बाई अन्नु का बाल विवाह ग्राम कत्रोसन मे बोका गौत्र के बालक के साथ हुआ था जीस बालक का जन्म कत्रोसण के धुणी वाले (परम पूज्य योगीराज श्री नारायण भारती) नागाजी के सशर्त वरदान से हुआ था । अत:वे उनके शिष्य बनकर दामोदर भारती हो गये। सावन की तीज का त्यौहार मनाने अपनी सखियों के साथ गाँव के छोटे से तालाब मे फुल और दिपक तराने गई वहा अपनी सखियों द्वारा पती के सन्यास ग्रहण का ताना मारा ताना सुन बाई अन्नु को वैराग विचलित हो गई परिवार के लोगों ने और अपने माता पिता ने बहोत समजाने की कोशिष कही लेकिन बाई अन्नु ऐक नही मानी हठ पूर्वक धुणी वाले नागाजी के श्री चरणों मे उपस्थित हो गई उनकी ही शिष्या अन्नपूर्णा भारती बन गई पति चरणानुगामि गई तथा गुरु सेवा के साथ साथ योग साधना में रत रहने लगी
विक्रम संवत ११०१ वैशाख शुक्ल पक्ष ३ को अपने गुरूजी के निर्देशन मे कवारी जगह देक कर मंठ की संस्थापना एवं भगवान श्री शिलेश्वर महादेव मंदिर निर्माण करवाया और आपका महतपूर्व योगदान रहा।
दूसरे महन्त श्री दामोदर भारती के कार्यकाल
मे बादशाह अलशमत के सुबेदार को अपनी योग सिद्धी(परचा) देकर नतमस्तक कीया इस क्षेत्र में गौ हत्या बन्द करवाई सूबेदार द्वारा ५०० हल की जमीन भेट १०८ गाँवो के गुरु द्वारा की मान्यता सविकार करने के साथ-साथ आम जनता के सहयोग से अन्नक्षेत्र की परिपाटी (कटाला ) कायम कीया।
अपनी योग साधना के साथ-साथ ३५१ वर्ष तक मठ के विकास मे अपना अविस्मरणीय योगदान रहा। चौथे महन्त श्री १००८ जयदेव भारती के कार्यकाल मे विक्रम संवत १४२५ भादवा सुद १४ को योगमार्ग द्वारा जीवित समाधि लेकर कैलाश धाम पधार गये।आप नित्य पूजनीय एवं वंन्दनीय है ।
अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकरप्राण बल्लभे।
,ज्ञान वैराग्य सिद्धर्थं भिक्षां देहि च पार्वती।।

शिष्या दम्पति प्राप्तो निम्नोनारायण स्य चां ।
माता श्री अन्नपूर्णा चं श्री दामोदर भारती ।।
सिद्धात तुभौ तपोमॆध्य माता सिद्ध विशेषतं: ।
तपस्या तप प्रभावेण मठ परन्याती भागत।।
श्री परम पूज्य मॉं पार्वती स्वरूप मॉं अन्नपूर्णा जी की 657 वी पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन प्रणाम 🙏🚩💐💐

शनिवार, 8 जून 2024

जालौर सिरोही सांसद श्री लुबारामजी चौधरी

लुम्बाराम चौधरी शुरू से ही बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं. सिरोही पंचायत समिति के एक बार प्रधान, जिला परिषद सदस्य व दो बार सिरोही बीजेपी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में लुम्बाराम ने सिरोही से टिकट की मांग की थी, लेकिन टिकट नहीं दी थी. .लुम्बाराम को जालोर संसदीय क्षेत्र का उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने सरप्राइज दिया है.

लुम्बाराम चौधरी की शिक्षा  

लुम्बाराम चौधरी जमीनी कार्यकर्ता है, जिनकी भाजपा के हर छोटे कार्यकर्ता तक पहुंच है. 10वीं तक पढ़ाई करने वाले लुंबाराम चौधरी 1982 में राजनीति में सक्रिय हुए, जिसमें वह मीरपुर के बूथ प्रभारी बने. इसके बाद किसान मोर्चा देहात अध्यक्ष रहे और फिर उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. जिले में तीन बार लुंबाराम चौधरी जिलाध्यक्ष रहे. इसके साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे हैं.

लुम्बाराम चौधरी की राजनीति

चौधरी ने पहला चुनाव 1995 में वाडेली ग्राम पंचायत में वार्ड पंच का लड़ा और जीते. 2005 में सिरोही पंचायत समिति सदस्य के रूप में उन्होंने चुनाव जीता और समिति के प्रधान बने. 2020 में जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़े और जीते. अब लोकसभा का टिकट मिलने पर उनके समर्थको में खुशी की लहर है. समर्थक एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर लुम्बाराम को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
#lubaramji 

किसान की पीड़ा

**एक किसान अर पशुपालक हर सरकारी काम खातर रिश्वत दे-दे कर अपणो काम करवावै सै 😔💰 मन में बस एक आस राखै सै— म्हारे छोरा-छोरी ने पढ़ावां 📚 अफस...